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भाजपा पार्षदों की मांग नगर निगम के साथ केआरएल का अनुबंध हो सार्वजनिक
March 1, 2020 • Sharwan kumar jha

हरिद्वार। भाजपा पार्षदों ने बैठक कर केआरएल वेस्ट मैनेजमेंट प्रबंधन और निगम प्रशासन को आड़े हाथों लिया है। पार्षदों ने कहा निगम प्रशासन ने केआरएल इंफोटेक प्राइवेट लिमिटेड की बैंक गारंटी बाहर कर दी थी। ऐसे में कंपनी ऐक्ट के मुताबिक एसपीवी (स्पेशल पर्पस व्हीकल) भी समाप्त होनी चाहिए। फिर केआरएल वेस्ट मैनेजमेंट किस हैसियत से काम कर रही है। पार्षदों ने कंपनी का अनुबंध सार्वजनिक करने की मांग की है।भाजपा पार्षदों ने रविवार को पार्षद अन्नू मेहता के कार्यालय में बैठक की। अन्नू मेहता ने कहा कि सहायक नगर आयुक्त का कहना है कि अनुबंध केआरएल इंफोटेक प्राइवेट लिमिटेड के साथ हुआ था। अनुबंध के अनुसार कंपनी को एसपीवी बनाने का अधिकार है। ऐसे में अब उनको केआरएल इंफोटेक इंडिया लिमिटेड कंपनी का अनुबंध सार्वजनिक करना चाहिए। कहा कि गत वर्ष फरवरी में केआरएल इन्फोटेक की बैंक गारंटी बाहर कर दी गई। अन्नू ने दावा किया कि कंपनी ऐक्ट के अनुसार मुख्य कंपनी की गारंटी बाहर करने पर एसपीवी भी समाप्त हो जाती है। लेकिन केआरएल वेस्ट मैनेजमेंट और निगम अधिकारियों की मिलीभगत के चलते अनुबंध बदलकर एसपीवी को ही मुख्य कंपनी बना दिया गया। पार्षद एकता गुप्ता और रेणू अरोड़ा ने दावा किया कि कंपनी ने श्रम विभाग में भी अपना पंजीकरण नहीं कराया है। एकता ने कहा कि भविष्य निधि और मेडिकल सुविधा का लाभ देकर कर्मचारियों के साथ धोखा किया जा रहा है। जबकि कंपनी फर्जी तौल पर्चियों से लाखों रुपए कमा रही है। पार्षद ने मेयर और अधिकारियों से इसपर स्पष्टीकरण भी मांगा। पार्षद जॉली प्रजापति ने केआरएल इंफोटेक प्राइवेट लिमिटेड का अनुबंध सार्वजनिक करने की मांग की। दूसरी ओर केआरएल के प्रबंधक सुखबीर सिंह ने बताया अनुबंध की शर्तों के अनुसार हरिद्वार में एसपीवी ही काम कर रही है। मूल कंपनी की बैंक गारंटी बाहर कर दी गई। ऐसे में नियमानुसार एसपीवी की बैंक गारंटी लगाई जाती है। केआरएल इंफोटेक प्राइवेट इंडिया लिमिटेड अब भी केआरएल प्राइवेट लिमिटेड में 10 प्रतिशत की स्टैक होल्डर है। कंपनी सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी क्षमता से अधिक काम कर रही है।