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चालक आत्महत्या मामले में चार गिरफ्तार,दो की तलाश जारी
June 29, 2020 • Sharwan kumar jha • crime

हरिद्वार। सिडकुल थाना क्षेत्र में ट्रांसपोर्ट कंपनी के चालक द्वारा आत्महत्या मामले में पुलिस ने  ट्रांसपोर्टर, ट्रांसपोर्ट कंपनी के मैनेजर समेत छह लोगों के खिलाफ केस दर्ज करते हुए कंपनी के चार कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। जबकि दो आरोपी फरार हैं। जिन्हें पुलिस तलाश कर रही है। वही मामले की जांच सीओ सदर ने शुरू कर दी है। बताते चले कि सिडकुल थाना क्षेत्र के डेंसो चैक स्थित ट्रांसपोर्ट दफ्तर में चालक का शव मिलने के बाद एसएसपी ने थानाध्यक्ष सहित चार पुलिस कर्मियों के खिलाफ तत्काल कारवाई करते हुए थानाध्यक्ष को लाईन हाजिर कर दिया था। मामले में आरोप है कि ट्रांसपोर्ट कार्यालय में चालक को बंधक बनाकर गाली गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी दी गई थी। पुलिस को सूचना देने के बाद भी पुलिस ने मामले को गंभीरता से नही लिया। पुलिस के मुताबिक राजकुमार पुत्र रामचरण निवासी सुसायत कला थाना सासनी, हाथरस, उत्तर प्रदेश ने शिकायत देकर बताया कि उसके पिता रामचरण एक ट्रांसपोर्ट कंपनी में चालक थे। लॉकडाउन से पहले हरिद्वार से भाड़ा लेकर आगरा चले गए थे। उसी समय देश में लॉकडाउन हो गया। मजबूरन गाड़ी गांव के पास स्थित एक पार्किंग में खड़ी करनी पड़ी थी। लॉकडाउन खत्म होने के बाद जून में ट्रांसपोर्ट कंपनी ने गाड़ी खाली करने के लिए कहा था। शिकायतकर्ता के पिता ने गाड़ी खाली करा दी और तीन माह का वेतन लेने के लिए ट्रांसपोर्ट कंपनी को फोन किया। आरोप है कि ट्रांसपोर्ट कंपनी के कर्मचारियों ने फोन पर वेतन देने का आश्वासन देने के बजाय गाली-गलौज कर जान से मारने की धमकी दी। बताया कि 26 जून को उसके पिता घर से वेतन लेने के लिए हरिद्वार निकले। 27 जून की रात सिडकुल चैक पर कंपनी के ट्रांसपोर्ट कार्यालय पहुंच गए और कर्मचारियों को वेतन देने के लिए कहा। आरोप है कि वहां मौजूद सभी लोगों ने ऑफिस के अंदर उसे बंधक बना लिया और गाली-गलौज करते हुए वेतन देने से मना कर दिया। आरोप है कि परेशान होकर के उसके पिता ने कंपनी के ऑफिस में ही आत्महत्या कर ली। सूचना मिलने पर हरिद्वार पहुंचे रामचरण के बेटे राजकुमार ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करायी थी कि उसके पिता लाॅकडाउन से पहले माल लेकर आगरा गए थे। लेकिन लाॅकडाउन के कारण वापस नहीं आ पाए थे। शनिवार को वेतन लेने कंपनी पहुंचे उसके पिता के साथ कार्यालय में फ्लीट मैनेजर देवांश खण्डेलवाल, सुपरवाईजर सुनील, प्रोजेक्ट मैनेजर सुभाष, सुपरवाईजर लाखीराम, कंट्रोलिंग इंचार्ज हितेश सेन तथा कैशियर धर्मेन्द्र आदि ने उनके साथ गाली व गलोच व मारपीट की और उन्हें कार्यालय में ही बंधक बना दिया। जिससे परेशान होकर उन्होंने आत्महत्या कर ली। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकद्मा दर्ज कर सुभाष शर्मा, लाखीराम, सनील शर्मा, व धर्मेन्द्र यादव को गिरफ्तार कर लिया। जबकि देवांश व हितेश सेन अभी पुलिस के हाथ नहीं लग सके हैं। उनकी तलाश की जा रही है। आरोपियों को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में सिडकुल थाना अध्यक्ष एलएस बुटोला, एसआई संदीप चैहान, एसआई सोहन सिंह रावत, कांस्टेबल सतीश, कांस्टेबल प्रदीप आदि शामिल रहे। दूसरी ओर इस मामले की जांच सोमवार को सीओ बिजेंद्र दत्त डोभाल ने शुरू कर दी है।