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छात्र-छात्राओं को तनाव से बचाने के लिए विशेषज्ञों ने दिए टिप्स
June 15, 2020 • Sharwan kumar jha • other

अपने को स्वस्थ रखने के लिए व्यायाम अवश्य करे-डा.श्रीराम शर्मा

हरिद्वार। देशभर के स्कूल कालेजो में आनलाईन कक्षाएं संचालित की जा रही है। वेबिनार के माध्यम से छात्र एवं छात्राओं को अपने-अपने विषय के अध्यापक पाठ्यक्रम का पूरा करा रहे हैं। छात्र एवं छात्राओं को कम्प्यूटर और लैपटाप के माध्यम से इस प्रक्रिया से गुजरना पड़ रहा है। इसलिए बहुत से छात्र-छात्राओं को आनलाईन पढ़ाई के कारण डिप्रेशन भी बढ़ता जा रहा है। इस सम्बन्ध में विश्वविद्यालय ने छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए हरिद्वार के सुप्रसिद्ध अनन्या हास्पिटल के संस्थापक डा0 राम शर्मा के माध्यम से यह जानकारी छात्रों तक पहुंचाने के लिए सम्प्रेषण किया है। डा0 राम शर्मा ने बताया कि कम्प्यूटर, लैपटाप और मोबाइल के माध्यम से देश के सभी स्कूल कालेज इस प्रक्रिया को अपना रहे हैं। कोरोना वायरस के इस दौर में सरकार के पास कोई दूसरा विकल्प ही नहीं है। मगर इस प्रक्रिया में जुटे रहने से छात्र-छात्राओं को कई तरह की बीमारी होने की आंशका बनी हुई है। इस बीच में हॉस्पिटल में कई छात्र-छात्रायें सिर दर्द, सर्वाइकल और डिप्रेशन से पीडित छात्र-छात्राएं उपचार हेतु आए हैं। इस सन्दर्भ में यह जानकारी देना उचित होगा कि आज जो छात्र-छात्राएं आनलाईन कक्षाओं में भाग ले रहे हैं, उन्हें सबसे पहले अपने को स्वस्थ रखने के लिए व्यायाम अवश्य करना चाहिए। व्यायाम करने से छात्र-छात्राओं को इस बीमारी से निजात भी मिल सकती है। उन्होंने बताया कि इसके लिए घर का बना शुरू भोजन, आंवला, फल, हरी सब्जियां, तुलसी, गिलोय, दूध, दही और लस्सी का उपयोग करना चाहिए। इससे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता में इजाफा होगा। वर्तमान में पूरे विश्व में कोरोना की महामारी फैली हुई है। इस महामारी से सामना करने के लिए इन चीजों का प्रतिदिन उपयोग करना विशेष जरूरी है। चिन्मय डिग्री कालेज के प्राचार्य डा0 आलोक कुमार ने आनलाईन कक्षाओं के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि पूरे भारतवर्ष में वेबिनार के माध्यम से शिक्षा प्रणाली को एक नई दिशा दी जा रही है। बल्कि छात्र-छात्राओं पर इस शिक्षा प्रणाली का असर भी दिखाई देने लगा है। आज समय ने करवट बदला है तथा कोरोना की महामारी से वेबिनार के माध्यम के अलावा अन्य कोई विकल्प भी नहीं है। फिर भी छात्र-छात्राओं को कम्प्यूटर, लैपटाप और मोबाइल का उपयोग उतना ही करना चाहिए, जितनी समय की जरूरत है। मानव अधिकार संरक्षण समिति, कनखल नगर अध्यक्ष, रेखा नेगी ने कहा कि वर्तमान में बहुत सारे बच्चे मोबाइल, लैपटाप पर खेलते रहते हैं। इससे उनके स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है। आज प्रत्येक घर में यह प्रचलन बन गया है कि बच्चों के हाथ में मोबाइल पर गेम खेलना उनकी आदत में शुमार होता जा रहा है। इससे बच्चों की आंखों में दर्द तथा आंखे लाल होना, इसके साथ ही उनकी स्मरण शक्ति पर बुरा असर पड़ता है। उन्होंने सुझाव देते हुए कहा कि छात्र-छात्राओं और बच्चों को प्रत्येक दिन पार्क में घूमना और आउटडोर गेम में भाग लेना चाहिए। इस तरह के कार्य करने से बच्चे का शारीरिक विकास होता है।