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डिस्ट्रिक माॅनिटरिंग कमेटी ने लिया कोविड अस्पताल का जायजा
October 2, 2020 • Sharwan kumar jha • current

हरिद्वार। उच्च न्यायालय द्वारा कोविड उपचार व्यवस्थाओं की निगरानी के लिये गठित डिस्ट्रिक्ट माॅनिटरिंग कमेटी ने शैलेन्द्र सिंह नेगी, डिप्टी कलेक्टर हरिद्वार(नामित प्रतिनिधि जिला मजिस्ट्रेट) के नेतृत्व में राजकीय मेला चिकित्सालय, हरिद्वार, बाबा बर्फानी आईसोलेशन केन्द्र, रोडवेज बस स्टेशन एवं रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया। टीम ने सर्वप्रथम राजकीय मेला चिकित्सालय, हरिद्वार का पी0पी0पी0 किट पहनकर अस्पताल के आपातकालीन कोविड-19 वार्ड का निरीक्षण किया तथा वहां भर्ती मरीजों से बातचीत की तथा उनका हालचाल पूछा। मरीजों ने टीम को बताया कि एक ही शौचालय होने की वजह से काफी परेशानी होती है। इसके अतिरिक्त कुछ मरीजों ने मच्छरों के काटने की भी शिकायत की। इस पर जब शेलेन्द्र सिंह नेगी ने अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डाॅ0 राजेश गुप्ता से पूछा तो उन्होंने कहा कि आॅलआउट की व्यवस्था की गयी है। टीम ने प्रमुख अधीक्षक को सलाह दी कि वे कुछ और शौचालयों की व्यवस्था कोविड-19 वार्ड में करें। डाॅ0 राजेश गुप्ता ने निरीक्षण करने गयी टीम को बताया कि अस्पताल में कुल 60 बेड हैं तथा 08 बेड आई0सी0यू0 में हैं। उन्होंने बताया कि अस्पताल में सबसे पुराना मरीज 09 दिन पहले भर्ती हुआ था। उन्होंने बताया कि अस्पताल में पीपीपी किट पर्याप्त मात्रा में हैं। बिजली चली जाने पर जनरेटर की व्यवस्था है। तीन टाइम खाना प्रत्येक दिन मीनू बदलकर दिया जाता है तथा 03 टाइम चाय की भी व्यवस्था है, जो चाय नहीं पीता है, उसे दूध दिया जाता है। उन्होंने कहा कि मरीजों को काढ़ा देने की भी व्यवस्था है। प्रोटोकाॅल के अनुसार दवा पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। टीम ने सभी व्यवस्थायें देखने के बाद निरीक्षण की टीम ने अस्पताल की व्यवस्थाओं को सन्तोषजनक बताया। टीम के सदस्यों ने प्रमुख अधीक्षक से अस्पताल की दिक्कतों के सम्बन्ध में पूरा तो  प्रमुख अधीक्षक ने निरीक्षण करने वाली टीम को बताया कि एक ही एम्बुलेंस होने की वजह से मरीजों को स्थानान्तरित करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसके अतिरिक्त उन्होंने मिशन हाॅस्पिटल, हरिद्वार की शिकायत की कि वे पाॅजेटिव मरीजों को बिना प्रोटोकाॅल का ध्यान रखते हुये मेला हाॅस्पिटल को रेफर कर देते हैं, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है। मेला अस्पताल का निरीक्षण करने के पश्चात टीम बाबा बर्फानी कोविड केयर सेण्टर पहुंची। टीम को  क्वारंटाइन केन्द्र के इंचार्ज डाॅ0 नीरज, एआरओ ने बताया कि केन्द्र में कुल 12 शौचालयों की व्यवस्था है तथा सबसे पुराना लक्षण रहित व्यक्ति 10 दिन पहले केन्द्र में आया था। टीम ने जब केन्द्र में भर्ती व्यक्तियों का ब्यौरा बताने को कहा तो वे स्पष्ट स्थिति नहीं बता पाये। शैलेन्द्र सिंह नेगी ने इस सम्बन्ध में जारी गाइड लाइन का पालन करने के निर्देश दिये। निरीक्षण करने वाली टीम ने क्वारंटाइन सेण्टर में भर्ती लोगों से भी वहां की व्यवस्था के बारे में पूछताछ की। टीम ने जब सुरक्षा के सम्बन्ध में पूछा तो बताया गया कि यहां पर सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं है तथा एक गार्ड 24 घण्टे तैनात करने की बात कही।