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दूसरे राज्यों के मुकाबले में प्रदेश के उधोगों को पर्याप्त राहत नही-अरोड़ा
April 28, 2020 • Sharwan kumar jha • other

उघोगों को बचाने के लिए सरकार से मदद करने की अपील

हरिद्वार। सिडकुल मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी राज अरोड़ा ने प्रदेश सरकार पर अन्य राज्यों के मुकाबले उत्तराखण्ड में उद्योगों को पर्याप्त राहत नहीं देने का आरोप लगाया है। प्रैस को जारी बयान में राज अरोड़ा ने कहा कि कोरोना वायरस के चलते सरकार ने सिडकुल में चलने वाली अधिकतर कम्पनियों को ऐहतियात के तौर पर बंद करने तथा कुछ फार्मा कंपनियों को नियमो के पालन के साथ खोलने के आदेश दिये है। इस दौरान दूसरे चरण के लॉकडाउन के शुरू होने पर सिडकुल की कई कंपनियों को राहत देते हुये सरकार की गाइडलाइन के अनुसार चलाने की इजाजत दी गयी है। सिडकुल मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के जनरल सेक्रेटरी राज अरोड़ा और सदस्य सुयश वालिया का कहना है कि सरकार के द्वारा जो राहत दी गई है वो नाकाफी है और इसमे और बदलाव की जरूरत है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कम्पनियों को तभी पर्याप्त राहत मिलेगी जब शासन प्रशासन से मिली गाइडलाइन में बदलाव होगा। इसमे सबसे अहम तीन मांगे है जिस पर शासन को ध्यान देना चाहिए। यदि इन मांगों पर ध्यान नही दिया गया तो कंपनियों को आगे काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। जिसमे मुख्य रूप से इंडस्ट्रीज पर दबाव न बनाया जाये कि घर बैठे बिना काम के कर्मचारियो को वेतन दिया जाये। दूसरे जिन इंडस्ट्री को प्रशासन द्वारा चलाने की अनुमति है। उनके लिये लेबर नही मिल पा रही है। लेबर के लिये प्रशासन से अनुमति तो मिल रही है। लेकिन प्रशासन के नियम कानून उतने व्यवहारिक नही है, जिन्हें आसानी से पूरा कर सके। इसके अलावा कच्चा माल भी उद्योगों को नही मिल पा रहा है। अधिकांश कच्चा माल दूसरे राज्यों से आता है। इसके इलावा उद्योग दूसरे राज्यो में अपना माल भी नही भेज पा रहे है। तीसरे सरकार को बिजली की दरों में उद्योगों को जो राहत देनी चाहिए। लेकिन राहत अब तक नहीं दी गयी है। उन्होंने कहा कि बिजली की निश्चित दरों को निरस्त किया जाये। अन्य राज्यो में वहां की सरकारों द्वारा इंडस्ट्रीज बिजली दरों में छूट दी गयी है। इसको देखते हुए उत्तराखंड सरकार को भी राहत देनी चाहिए। यदि सरकार मांगे नहीं मानती है तो इंडस्ट्रीज को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। प्रदेश में उद्योगों को बचाने के लिए सरकार को मदद करनी चाहिए।