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ई-रिक्शा चालकों ने की सरकार से बेरोजगारी भत्ता देने की मांग
May 31, 2020 • Sharwan kumar jha • other

हरिद्वार। लॉकडाउन में घरों में बैठे ई-रिक्शा चालकों ने रविवार को जय मां काली ई-रिक्शा यूनियन के अध्यक्ष अनिल चैहान के नेतृत्व में धरना देकर सरकार से बेरोजगारी भत्ता देने की मांग की। दूधाधारी के समीप मैदान पर एकत्र होकर सांकेतिक धरना देते हुए चालकों ने कहा कि दो माह से वे घरों में बैठे हुए है। अब खाने तक के लाले पड़ गए है। ऊपर से बैंक किस्त जमा करने को लेकर दवाब बना रहा है। चालकों ने सरकार से लॉकडाउन पीरियड में पांच हजार रुपये बेरोजगारी भत्ता देने की मांग की। यूनियन के प्रधान अनिल चैहान ने कहा कि ई-रिक्शा चालकों के पास खाने को भी पैसे नहीं रहे। ऐसे हालात में जब वे दो माह से घरों में बेरोजगार बैठे है तो गाड़ी की किस्त कहां से जमा करें। सरकार अगर सहायता नहीं देती है तो गाड़ी बेचने के अलावा उनके पास और कोई चारा नहीं है। चालक अशोक कुमार कश्यप ने कहा कि बैंक किस्त मांग रहा है। सरकार को हालात देखते हुए कम से कम छह माह की किस्त को माफ करने की घोषणा कर राहत देनी चाहिए। सुधीर गुप्ता ने कहा कि नब्बे फीसदी चालकों ने लोन लेकर ही गाड़ी ली हुई है। लॉकडाउन ने उन्हें घर पर बैठने को मजबूर कर दिया है। हरिद्वार में यात्रा सीजन से ही कुछ आमदनी होती है, लेकिन यात्रा सीजन ठप है। घर में दो माह से खड़ी ई-रिक्शा की बैटरी भी खराब हो गई है। सरकार को ई-रिक्शा चालकों की माली हालत देखते हुए 5000 हजार रुपये बेरोजगारी भत्ता देना चाहिए। सांकेतिक धरने में अशोक कुमार कश्यप, सुधीर कुमार गुप्ता, मुकेश कुमार, राहुल अग्रवाल, सूरज कुमार, राजेश अग्रवाल, अमित ठाकुर, छत्रपाल सिंह, दाताराम सैनी, सुनील कुमार, विमल, बसंत, किशन ठाकुर, विशाल साहू, सुशील कुमार, उमेश कुमार, गौरव शर्मा, नीरज बिष्ट, रितेश चैहान, अरविंद चैहान, पुष्पेंद्र, हरिओम यादव, विकास गुप्ता, चुन्नू यादव, अभय प्रताप, सुनील, कुमार, सुदेश कुमार, श्याम तेजवानी आदि शामिल रहे।