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गंगा में वैज्ञानिक आधार पर चुगान की अनुमति तथ्यों के आधार होनी चाहिए-निशांत भैरव
March 3, 2020 • Sharwan kumar jha

हरिद्वार। हरिद्वार स्ट्रोन क्रेशर वैलफेयर एसो. के तत्वावधान में धरना जारी रहा। धरने को सम्बोधित करते हुए अध्यक्ष निशांत भैरव ने कहा कि गंगा में वैज्ञानिक आधार पर चुगान की अनुमति तथ्यों के आधार पर की जाने चाहिए। उन्हांेने कहा कि चुगान नहीं खोले जाने के कारण सरकार को राजस्व की हानि भी झेलनी पड़ रही है। निर्माण कार्यों पर भी असर पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को ठोस स्तर पर चुगान नीति को प्रभावी रूप से लागू कराना चाहिए। खनिज और क्रेशर नीतियों में भारी विसंगति फैली हुई है। जिन कारणों से खनन कारोबारी आर्थिक व मानसिक परेशानियों से जूझते चले आ रहे हैं। सरकार की सही नीतियों को अधिकारी तरीके से अमल में नहीं ला रहे हैं। बाहरी राज्यों से आ रहे वाहनों पर उचित कार्रवाई नहीं हो पाती है। कुम्भ के विकास कार्यों में भी रेत-बजरी का असर देखा जा सकता है। आम जनता को भी निर्माण सामग्री काफी महंगी मिल रही है। मौजूदा स्ट्रोन क्रेशर जिस भू-भाग में लगे हुए है। एक जोन के रूप में घोषित किया जाये। निर्देशों का पालन अधिकारियों को करना चाहिए। निशांत भैरव ने कहा कि ठोस नीति होगी तो कारोबारी भी उसका पालन सही तरीके से कर सकेंगे। अक्षत कुमार ने कहा कि हजारों लोग चुगान बंद होने से बेरोजगारी का संकट झेल रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से मजदूर वर्ग पलायन कर रहे हैं। बाहरी राज्यों से बेरोक-टोक ओवर लोड वाहन प्रवेश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को राजस्व हानि झेलनी पड़ रही है। चुगान को लेकर ठोस नीति बनायी जाये। एसो. लगातार शासन-प्रशासन से मांग करती चली आ रही है लेकिन मांगों की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इस दौरान धरने में मनोज गुप्ता, संजय धींगरा, अरविन्द यादव, अतुल, विनय चैधरी, आशीष बंसल, सचिन गोयल आदि शामिल रहे।