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गुरू परम्पराओं का निर्वाह निष्ठापूर्वक किया जाना चाहिए-सतपाल ब्रहमचारी
May 8, 2020 • Sharwan kumar jha • religious

हरिद्वार। श्री राधा कृष्ण धाम के परमाध्यक्ष पूर्व पालिका अध्यक्ष सतपाल ब्रह्मचारी ने कहा कि गुरू के सानिध्य में ही शिष्य का आध्यात्मिक विकास व ज्ञान की प्राप्ति होती है। अपने गुरूदेव ब्रह्मलीन शालीग्राम महाराज की पुण्यतिथि पर उनकी स्मृति में शालिग्राम घाट पर गरीब मजदूरों, निराश्रितों व फक्कड़ बाबाओं को भोजन प्रसाद वितरण करने के दौरान उन्होंने कहा कि ब्रह्मलीन गुरूदेव शालिग्राम महाराज त्याग व तपस्या की साक्षात प्रतिमूर्ति थे। गुरूदेव द्वारा स्थापित सेवा प्रकल्पों के माध्यम से निरंतर सेवा प्रकल्प चलाए जा रहे हैं। लाॅकडाउन होने के बाद से ही आश्रम की ओर से प्रतिदिन हजारों गरीबों, मजदूरों, निराश्रितों को भोजन कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गुरू परम्पराओं का निर्वाह निष्ठा पूर्वक किया जाना चाहिए। गुरू के सानिध्य में ही शिष्य धार्मिक क्रियाकलापों का ज्ञान अर्जित करता है। ब्रह्मलीन शालीग्राम का जीवन निर्मल जल के समान था। उन्होंने हमेशा ही मनुष्य कल्याण में अपना योगदान दिया। महामण्डलेश्वर स्वामी हरिचेतनानंद महाराज ने कहा कि ब्रह्मलीन शालिग्राम महाराज दिव्य महापुरूष थे। उनके विचारों को आत्मसात करते हुए पूर्व पालिका अध्यक्ष सतपाल ब्रह्मचारी मानव सेवा में रातदिन जुटे हुए हैं। स्वामी ललितानंद गिरी महाराज ने कहा कि ब्रह्मलीन शालिग्राम महाराज एक महान संत तथा संत समाज के प्रेरणा स्रोत थे। जिन्होंने सदैव समाज का मार्गदर्शन करते हुए ज्ञान की प्रेरणा दी। इस दौरान पार्षद महावीर वशिष्ठ, पार्षद कैलाश भट्ट, आकाश भाटी, नितिन यादव यदुवंशी, नीरव साहू, थानेश्वर शर्मा, हिमांशु बहुगुणा, तरूण व्यास, अनूप चैहान, एकलव्य गोस्वामी, रोहित नेगी, गोविन्द, ललित कोठारी आदि ने भोजन प्रसाद वितरित करने में सहयोग प्रदान किया।