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झमाझम बारिश के साथ ओलावृष्टि ने बढ़ा दी किसानों की मुश्किलें,
March 13, 2020 • Sharwan kumar jha

 

पूर्व विधायक ने की मुआवजा देने की मांग

हरिद्वार। गुरूवार की रात के बाद शुक्रवार को हुई बारिश और ओलावृष्टि से जहां ठंड दुबारा से महसूस होने लगी,वही ओलावृष्टि ने रबी के साथ साथ आम के फसल को भी तबाह कर दिया है। झमाझम बारिश के साथ ओला वृष्टि से जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में गेहूं और सरसों की फसल बर्बाद हो गई है। ओलावृष्टि के बाद किसानों ने क्षेत्र को आपदा प्रभावित घोषित कर मुआवजे की मांग की है। कुछ स्थानों में खेतों में जल भराव हो गया है। दो सप्ताह पहले भी क्षेत्र में ओलावृष्टि से साठ फीसदी तक फसल तबाह हो गई थी। बची फसल शुक्रवार को ओलावृष्टि ने तबाह कर दिया। फसलों के नुकसान पर किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें आ गई हैं। गौरतलब है कि अभी कुछ दिन पूर्व में भी बारिश के साथ ओलावृष्टि से हरिद्वार ग्रामीण क्षेत्र में फसलों के नुकसान पर जिलाधिकारी ने राजस्व विभाग से नुकसान की रिपोर्ट मांगी थी। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भी प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर सरकार से आपदाग्रस्त क्षेत्र घोषित करने की मांग की थी। कृषि विशेषज्ञ राजा राम ने बताया ओले से गेहूं की फसलों में नुकसान होगा। इसके साथ जिन किसानों ने सब्जी लगाई है, उन्हें भी नुकसान हुआ है।पथरी में भी ओलावृष्टि और बारिश का सिलसिला शुक्रवार को भी जारी रहा। इससे गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा है। जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों धनपुरा, घिस्सुपुरा, पदार्था, रानीमाजरा, पथरी, बहादरपुर जट, झाबरी, अम्बुवाला, शाहपुर, सुगरसा, बादशाहपुर, हर्षीवाला, टिकोला, फेरुपुर, चांदपुर, कटारपुर, अजीतपुर, मिस्सरपुर सहित दर्जनों गांव के किसान के चेहरों पर गम के बादल छाए हुए है। किसान सलीम हसन, ताहिर, दिलशाद, राजबीर, पवन सैनी, मनोज चैहान, मुनीर ने बताया सोयाबीन, उड़द, चना, सरसों की फसल को बहुत अधिक नुकसान पहुंचा है। लालढांग में भी गेहूं और सरसों की फसल बर्बाद हो गई है। क्षेत्र के दुधला दयालवाला , नौरंगाबाद, गेंड़ीखाता, लाहड़पुर गांवों में जल भराव के चलते गेहूं और सरसों आदि की फसल चैपट हो गई है। दूसरी ओर बारिश के कारण प्रदेशभर में हुए फसलों के नुकसान को लेकर पूर्व विधायक ने मायापुर यूनियन भवन में किसानों के साथ बैठक की। इसमें सरकार से मांग की गई कि किसानों को न्यूनतम मूल्य और औसत उपज के आधार पर गणना कर फसलों का मुआवजा दिया जाए। पूर्व विधायक अम्बरीष कुमार ने कहा कि इस बार बारिश और ओलावृष्टि के कारण किसानों की फसल पूरी तरह तबाह हो चुकी है। किसानों ने जो सहकारी संस्थाओं से कर्ज लेकर फसलें उगाईं थीं वो अब मिट्टी में मिल गई हैं। कोई भी अधिकारी फसलों की गणना करने नहीं आया है। कहा कि फसलों की औसत पैदावार का आंकलन कर मुआवजा की धनराशि तय कर सरकार को देनी चाहिए। कहा कि सरकार मुआवजा नहीं देगी तो सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया जाएगा। बैठक में मास्टर जगपाल, जगपाल सिंह, कुंवर पाल, जसवंत चैहान, नंद लाल राणा, क्षेत्रपाल चैहान, इसम सिंह, साजिद, इकबाल, घनश्याम, सुखवीर, सलीम, रवि, वकील, इसरार आदि मौजूद रहे।