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जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव होने के बाद उपाध्यक्ष की ओर से शिकायत दर्ज
March 6, 2020 • Sharwan kumar jha

हरिद्वार। हरिद्वार जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव को लेकर विवाद बढ़ने के आसार बढ़ गये है। अध्यक्ष के चुनाव पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए रोशनाबाद गये उपाध्यक्ष राव आफाक ने हलांकि आपत्ति संबंधी दस्तावेज नहीं सौंपे। शुक्रवार को अध्यक्ष तथा शिकायत करने वाले उपाध्यक्ष को जिलाधिकारी ने दोनों पक्षों को अपना अपना पक्ष रखने के लिए कार्यालय बुलाया था लेकिन वहां पर डीपीआरओ और अपर मुख्य अधिकारी आपत्ति संबंधी दस्तावेज लेने पहुंचे थे। जिन्हे दस्तावेज सौंपने से इंकार कर दिया।जिला पंचायत अध्यक्ष पर एक बार फिर विवादों के बादल गहराने लगे हैं। जिपं उपाध्यक्ष राव आफाक अली ने चुनाव को नियम विरूद्ध बताते हुए आपत्ति दर्ज कराने का आवेदन जिलाधिकारी को दिया था। इसके बाद शुक्रवार शाम जिलाधिकारी ने जिपं अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को संबंधित कागजात लेकर कार्यालय बुलाया था। पर आवश्यक मीटिंग के चलते डीएम ने कागजात लेने के लिए डीपीआरओ रमेश चंद्र त्रिपाठी और अपर मुख्य अधिकारी मनाबर सिंह राणा को जिम्मेदारी सौंप दी थी। लेकिन उपाध्यक्ष ने नियुक्त अधिकारियों को आपत्ति संबंधी कागजात सौंपने से इंकार कर दिया और वापस लौट गये। राव आफाक का कहना है कि डीएम ने शिकायतकर्ता अरविंद और विपक्षी सुभाष वर्मा को कार्यालय में बुलाया था, लेकिन उन्होंने अपने अधिकारियों को मौके पर भेज दिया। उनका कहना है कि ऐक्ट के अनुसार यदि किसी सदस्य का क्षेत्र नगर निगम या पालिका में पड़ता है तो उसकी सदस्यता स्वयं समाप्त हो जाती है। बावजूद इसके जिपं अध्यक्ष सुभाष वर्मा, सदस्य बिजेंद्र चैधरी और अमरोज की सदस्यता बरकरार रखी। जबकि यह तीनों अब शहरी क्षेत्र के वोटर हैं। जिसकी शिकायत शासन में की गई थी। इसकी जांच के लिए शासन ने डीएम को आदेशित किया गया था। अधिकारी इस मामले को अब लंबा खींचना चाहते हैं ताकि अध्यक्ष का कार्यकाल चलता रहे। अपर मुख्य अधिकारी मनाबर सिंह राणा का कहना है दोनों पक्षों से कागजात मांगे गये थे, लेकिन एक पक्ष द्वारा कागजात न देने पर दूसरे पक्ष से भी कागज नहीं लिये गये। अगली तिथि को वे अपने कागजात सौंपेंगे।क्या कहते हैं जिला पंचायत अध्यक्षजिला पंचायत अध्यक्ष सुभाष वर्मा का कहना है कि उनके द्वारा नियमानुसार नामांकन कर चुनाव जीता गया था। आपत्ति के विरोध में वे जिलाधिकारी को अपने कागजात सौंपेंगे। विरोध करने वालों का व्यापारिक अड्डा छिन गया था, जिससे वे लोग परेशान हैं।