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जिलाधिकारी ने प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के प्रगति की ली जानकारी,दिए निर्देश
September 8, 2020 • Sharwan kumar jha • administrative

जनपद में योजना के तहत 53गाॅवों को किया गया है चयनित

हरिद्वार। जिलाधिकारी हरिद्वार श्री सी0 रविशंकर ने आज कलेक्ट्रेट में आयोजित प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के अन्तर्गत गठित जिला स्तरीय समिति की बैठक को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सम्बोधित किया। उन्होंने प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के बारे में बताया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य 50 प्रतिशत से अधिक अनु0जाति जनसंख्या वाले चयनित गांवों का एकीकृत विकास सुनिश्चित करना है। उन्होंने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के अन्तर्गत ’’आदर्श’’ ग्राम’’ एक ऐसी परिकल्पना है, जिसमें लोगों को विभिन्न बुनिवादी यथा-पेयजल एवं स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पोषण, समाज सुरक्षा, ग्रामीण सड़कें एवं आवास, विद्युत एवं स्वच्छ ईंधन, कृषि, वित्तीय समावेश, डिजिटलीकरण जैसी सेवायें देने की परिकल्पनायें की गयी हैं, जिससे समाज के सभी वर्गों की न्यूनतम आवश्यकताओं की पूर्ति हो और असमानतायें कम से कम रहें। उन्होंने कहा कि गांव विकास योजना का उद्देश्य चुने गांवों का आदर्श ग्राम के रूप में लगभग 5 वर्ष की समय सीमा में विकास करने के लिये व्यापक, वास्तविक और व्यावहारिक रूप रेखा तैयार करना है। उन्होंने बताया कि वी0डी0पी0 तैयार करने की सम्पूर्ण कार्यवाही ग्राम पी0एम0ए0जी0वाई0 अभिकरण समिति द्वारा किया जायेगा। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार चयनित ग्रामों हेतु 21.00 लाख प्रति गांव की दर से धनराशि प्रदान करेगी। जिलाधिकारी ने प्रधानमंत्री ग्राम विकास योजना के अन्तर्गत चरणवार चयनित किये गये गांवों के बारे में बताया कि इसके प्रथम चरण में 10, द्वितीय चरण में 10 तथा तृतीय चरण  33 गांव हैं, इस प्रकार कुल 53 गांवों का चयन किया गया है। सी0 रविशंकर ने उक्त चयनित ग्रामों के बारे में बैठक में उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे पूरी मेहनत से आदर्श गांव बनाने में जुट जायें। इस कार्य में अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिये। उन्होंने कहा कि यह एक मात्र विभाग का काम नहीं है। इसमें सभी विभाग आपसी सहयोग बनाना सुनिश्चित करें। खास तौर पर सी0डी0ओ0 की मुख्य भूमिका है। उन्होंने कहा कि योजना बनाकर प्रस्तुत करना विभागों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि अधिकारी इस्टीमेट तक ही सीमित न रहें, बल्कि धरातल पर काम दिखना चाहिये। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे प्रथम चरण के 10 गांवों का पूरे आपसी तालमेल से आईडीवीपी तैयार करें, जिसके लिये उन्हें एक सप्ताह का समय दिया जाता है, अन्यथा की स्थिति में कार्रवाई की जायेगी तथा ढिलाई बर्दाश्त नहींे की जायेगी। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि चाहे स्कूलों में शौचालय का काम हो, पात्र व्यक्तियों की पेंशन का काम हो, गूलों के निर्माण का कार्य हो, सभी जगह राशन की दुकानों एवं राशन कार्ड बनाने का मामला हो, अटल बीमा योजना का काम हो, गांवों में इण्टरनेट कनेक्टीविटी का काम हो, कौशल विकास की योजनायें हों सभी विभाग आपसी तालमेल से समयान्तर्गत कार्य करना सुनिश्चित करें। बैठक में खण्ड विकास अधिकारी, ग्राम्य विकास विभाग, प्रोजेक्ट आफिसर यूआरईडीए, एसीएमओ मेडिकल आॅफिसर, मैंनेजर पीएसबी, शिक्षा विभाग, एडीपीआरओ, एसडीई मोबाइल, बीएसएनएल, डीपीसी बाल विकास आदि उपस्थित थे।