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जूना अखाड़ा के साधु,संत,महंत अपने अपने स्थान पर ही रहे-श्रीमहंत स्वामी हरि गिरि
March 22, 2020 • Sharwan kumar jha

हरिद्वार। श्रीपंच दशनाम जूना अखाड़ा ने अपने सभी घूमने वालें साधु-संतो,महंतो,पदाधिकारियों से कहा है कि वे जहां पर इस समय है,वहीं रहकर कीर्तन भजन करें। देश मंे आयी दैवीय आपदा कोरोना को देखते हुए अगले आदेश तक सभी अपने अपने मठों,मन्दिरों में रूके। इस सम्बन्ध में अखाड़े के पूर्व सभापति श्रीमहंत सोहन गिरि की अध्यक्षता में अखाड़ा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी एवं महासभा की हुई बैठक में प्रस्ताव पारित किया गया है। अखाड़ा के अन्र्तराष्ट्रीय संरक्षक श्रीमहंत स्वामी हरि गिरि जी महाराज ने कहा है कि देश में इस समय आयी दैवीय आपदा को रोकने में सांधु-संतो का सहयोग भी आवश्यक है। उन्होने कहा कि सरकार के द्वारा किये जा रहे उपायों में सहयोग करना नागरिको के साथ साथ साधु’ संतो का भी दायित्व है,इसलिए अखाड़ा ने यह निर्णय लिया है। उन्होने बताया कि प्रस्ताव में चेतावनी दी गई है कि जो भी अखाड़े के संत महंत,पदाधिकारी इस आदेश को नही मानेंगे,उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जायेगा। रविवार को अखाड़े की हुई कार्यकारिणी एवं महासभा की बैठक में प्रस्ताव पारित कर निर्णय लिया गया है कि भारत वर्ष में दैवीय आपदा कोरोना वायरस नामक बीमारी आने के कारण श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा के सभी घूमने वाले साधु-संत,वरिष्ठ पदाधिकारी,जमातियां महन्तो को किसी मठ मन्दिरों,साधुओं के स्थानों एवं समस्त तीर्थो एवं सामूहिक जगहों एवं नगर,ग्रामों में जाने हेंतु रोक दिया गया गया है। अखाड़ा के राष्ट्रीय सभापति श्रीमहंत प्रेम गिरि जी ने कहा है कि सभी गुरूमूर्तियों से कहा गया है कि वे अपने आश्रमों अथवा अपने गुरूआश्रमों में रहे और नवरात्रा के दौरान अपने आश्रमों में पूजा,तप,ध्यान करें। प्रस्ताव में कहा गया है कि ऐसा जूना अखाड़े की ओर से अगले आदेश तक ऐसा करना होगा। इस प्रस्ताव अथवा आदेश के उल्लघंन पर मठधारी अथवा मन्दिरों के महन्त की ओर से पुलिस को सूचना देते हुए उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जायेगा। बैठक में कोठारी महंत लाल भारती,कारोबारी महंत महादेवानंद गिरि,थानापति विवेक गिरि,महंत राजेन्द्र गिरि सहित कई साधु-संत उपस्थित थे।