कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त होने के बाद कार्यालयों में काम शुरू,कोरोना का दिखा असर
March 19, 2020 • Sharwan kumar jha

हरिद्वार। पदोन्नति में आरक्षण की मांग सहित अन्य मांगो को लेकर जनरल ओबीसी कर्मचारियों की गत दिवस हड़ताल समाप्त होने के बाद गुरूवार को विभिन्न कार्यालयों में चहल-पहल शुरू हो गई। हड़ताल के बाद विधिवत सरकारी विभागों में कर्मचारियों ने काम शुरू कर दिया है,लेकिन कोरोना वायरस के संक्रमण के मददे्नजर कई विभागों में भीड़-भाड़ कम दिखाई दिए। कुछ कार्यालयों में कोरोना को लेकर विशेष सर्तकता बरती जा रही है। हलांकि हड़ताल समाप्त होने के बाद कई विभागों से जुड़े कार्य लेकर पहुंचे लोगों के चेहरों पर खुशी देखने को मिली। वहीं मार्च में क्लोजिंग और रूटीन के कार्यों से कर्मचारी दबाव में आ रहे हैं। जिला समाज कल्याण विभाग में पेंशन फंड ट्रांसफर, सत्यापन, स्कॉलरशिप फंड, अन्य अनुदान राशि से संबंधित कामों को लेकर लोगों की भीड़ जुट गई थी। कर्मचारियों ने लोगों को कोरोना का हवाला देकर कार्यालय में सीमित मात्रा में आने को कहकर बाहर निकाल दिया। मुख्य विकास अधिकारी के आदेश पर प्रत्येक कार्यालय के बाहर शिकायत अथवा योजनाओं से जुड़े दस्तावेज जमा करने के लिए शिकायत पेटी रखवा दी है। एआरटीओ कार्यालय रोशनाबाद में सुबह दस बजे से ही गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन, ड्राइविंग लाइसेंस, आरसी, नंबर प्लेट, बनवाने वालों का तांता लग गया। खिड़की पर एक दूसरे से पहले काम कराने के लिए आपाधापी तक हुई थी। राज्य कर भवन में पेंडिंग केस, कर निर्धारण नोटिस जारी, व्यापारियों के रिटर्न की मानीटरिंग, एकाउंट में बजट से संबंधित काम शुरू गए हैं। कोरोना से कर्मचारियों और आम लोगों के बचाव को कार्यालयों के बाहर शिकायत और फार्म जमा से लेकर हर दस्तावेज जमा कराने के लिए पेटियां लगाई गई हैं। जिला स्तर के हर अधिकारी को अपने कार्यालय में जरूरी काम होने पर ही आने को कहा गया है। विकास भवन में मुख्य विकास अधिकारी की ऑनलाइन साइट पर भी आवेदन या शिकायत की जा सकती है। अनावश्यक रूप से आने वाले लोगों पर मुख्य गेट पर कर्मचारियों को रोकने के लिए कहा गया है। विकास भवन में महत्वपूर्ण विभागों में कार्यरत ज्यादातर कर्मचारी गुरुवार सुबह सरकार द्वारा जारी शासनादेश में कोरोना से बचाव का हवाला देकर अपने कार्यालय में उपस्थिति दर्ज कर घर चले गए। अल्पसंख्यक विभाग रोशनाबाद में सुल्तानपुर निवासी जावेद अली अपनी बेटी के जरूरी काम लेकर पहुंचे थे। लेकिन उनका काम नहीं हो सका है।