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किसान की प्रति एकड़ लागत है, उस लागत का 50 प्रतिशत अतिरिक्त जोड़कर उसको लाभ दिया जायेगा--अरविन्द पाण्डेय
September 26, 2020 • Sharwan kumar jha

हरिद्वार। प्रदेश के विद्यालयी शिक्षा,खेल, युवा कल्याण एवं पंचायतीराज मंत्री अरविन्द पाण्डेय ने कृषि बिल का समर्थन करते हुए कहा है कि केन्द्र सरकार ने तय किया कि जो किसान की प्रति एकड़ लागत है, उस लागत का 50 प्रतिशत अतिरिक्त जोड़कर उसको लाभ दिया जायेगा तब एमएसपी लागू की जायेगी। यह आज तक के इतिहास में पहली बार हुआ है। डामकोठी स्थित सभागार में पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि संसद से जो तीन बिल पारित हुये हैं। उसके लिये पीएम नरेन्द्र मोदी बधाई के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की पीड़ा को देखते हुये सरकार यह बिल लाई। फसल तैयार होते समय अगर कोई प्राकृतिक आपदा या अन्य कारणों से फसल से आमदनी नहीं होती है तो किसान का कर्जा बढ़ता ही जाता है तथा इस तरह कर्जा न चुकाने की वजह से कभी-कभी उसे अपनी जमीन से भी हाथ धोना पड़ता है। ऐसी परिस्थितियों में किसान आत्म हत्या करने को मजबूर हो जाता है। ये हालात 70 साल से चले आ रहे हैं। पाण्डेय ने कहा कि केन्द्र सरकार ने तय किया कि जो किसान की प्रति एकड़ लागत है, उस लागत का 50 प्रतिशत अतिरिक्त जोड़कर उसको लाभ दिया जायेगा तब एमएसपी लागू की जायेगी। यह आज तक के इतिहास में पहली बार हुआ है। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय सरकार ने विधेयक में यह पक्की व्यवस्था की है कि फसल का एग्रीमेंट होगा, न कि किसान की जमीन का। उन्होंने कहा कि किसान अब अपनी फसल बेचने के लिये स्वतंत्र है। वह बिना टैक्स दिये किसी भी बाजार में अपनी फसल को बेच सकता है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि कुछ राजनीतिक दल लिये गये निर्णयों की आलोचना कर लोगों व किसानों को गुमराह कर रहे हैं तथा देश में अराजकता का माहौल पैदा कर रहे हैं। देश हित के बजाय निजी हितों को ऊपर रखते हुये शक की स्थिति पैदा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ऐसा कोई कार्य नहीं करते हैं जो किसानों के हित में न हो। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने गेहूं और चना का समर्थन मूल्य बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि अब धान की फसल कटनी शुरू हो गयी है। एमएसपी के अनुसार भुगतान होगा । उन्होंने कहा कि हमने जो फैसले लिये हैं, वे किसानों के हितों को देखते हुये लिये हैं।  श्री पाण्डेय ने कहा कि आम किसान विरोध नहीं कर रहा है। कुछ तत्व अपने हित साधने के लिये विरोध का माहौल बना रहे हैं, जबकि हकीकत यह है कि इन लोगों ने अभी तक बिल का सही ढंग से अध्ययन तक नहीं किया है। बताया कि जो निजी स्कूल आॅन लाइन शिक्षा नहीं दे रहे हैं और फीस ले रहे हैं, तो उनके खिलाफ कार्रवाई होगी?, के उत्तर में शिक्षा मंत्री ने कहा कि अगर वे आॅन लाइन शिक्षा नहींे दे रहे हैं, तो फीस नहीं ले सकते हैं, जो ले रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी। जिन निजी स्कूलों ने आॅन लाइन शिक्षा देने की पूरी व्यवस्था बना रखी है, केवल वे ही सम्बन्धित फीस ले सकते हैं। मुख्य शिक्षा अधिकारी डा.आनन्द भारद्वाज ने पत्रकारों को निजी स्कूलों द्वारा अधिक फीस लिये जाने के सम्बन्ध में बैठाई गयी जांच समिति के बारे में बताया कि उसकी रिपोर्ट आ चुकी है, अगर किसी निजी स्कूल ने नियमों के विरूद्ध ज्यादा फीस ली होगी तो उन्हें उस फीस को वापस करना होगा, अन्यथा उसकी मान्यता रद्द करने की कार्रवाई की जायेगी। प्रेस वार्ता में भाजपा जिला अध्यक्ष जयपाल सिंह चैहान, विधायक  आदेश चैहान, सिटी मैजिस्ट्रेट जगदीश लाल, मुख्य शिक्षा अधिकारी डा.आनन्द भारद्वाज आदि उपस्थित थे।