माॅस्क,हैंडसेनेटाइजर की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ होगी सख्त कारवाई-डीएम
March 21, 2020 • Sharwan kumar jha

हरिद्वार। जिलाधिकारी सी0 रविशंकर ने बताया विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा नोबल कोरोना वायरस को अन्तराष्ट्रीय महामारी घोषित कर दिये जाने के फलस्वरूप भारत सरकार द्वारा उक्त महामारी के प्रसार को रोकने एवं बचाव के निर्देश दिये गये है। उक्त बीमारी के अन्तराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक प्रसार की दृष्टि से आम जनता में उक्त बीमारी को गम्भीर आशंकाए व भय उत्तपन हुआ है। यह संज्ञान में लाया गया है कि उक्त बीमारी की गम्भीर होती स्थिति व आम जनता में व्याप्त भय को दोहन कर धनोपार्जन के लिए कतिथ्य दवा विक्रेताओं की कालाबाजारी अथवा निर्धारित दरों से अधिक दरों पर विक्रय किया जा रहा है जो की गम्भीर अपराध की श्रेणी में आता है। जरूर वस्तुओं की कालाबाजारी अधिनियम 1980 व महामारी अधिनियम 1897 के प्राविधान के अन्तर्गत कोविड19 के बचाव व उपचार से सम्बन्धित समस्त आवश्यक दवाओं वस्तुओं, उपकरणों जैसे सर्जिकल मास्क, एन-95 मास्क, सैनेटाइजर सम्बन्धित औषधि आदि की कालाबाजारी किया जाना निर्धारित दरों पर जरूरतमन्द व्यक्तियों को उपलब्ध न कराया जाना उपरोक्त वर्णित अधिनियमों के सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत अपराध होगा। एसे दवा विक्रेताओं, संस्थाआंे या व्यक्तियों के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी। दोषी व्यक्तियों, संस्थाओं को कालाबाजारी अधिनियम की धारा 3.4 व धारा 13 के प्राविधानों के अन्तर्गत 06 माह की अवधि तक निरूद्ध रखा जा सकेगा। औषधि नियत्रंण अधिनियम व प्रावधानों के अन्तर्गत सम्बन्धि दवा विके्रता, संस्था की लाईसेंस को निरस्त करते हुए सम्बधित प्रतिष्ठान को सील बंद किया जा सकता है। 

धार्मिक आयोजन पर 31मार्च तक रोक

हरिद्वार। जिलाधिकारी सी0 रविशंकर ने बताया कि कोरोना वायरस संक्रमण एव अन्तराष्ट्रीय जन स्वास्थ्य समस्या के रूप में परिलक्षित हो रहा है। चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार द्वारा निरंतर कोरोना वायरस संक्रमण की स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है, परन्तु वर्तमान दृष्टिगत इस संक्रमण के पूर्ण नियंत्रण के लिए निरंतर कार्यवाही अनुश्रवण करते रहना अति आवश्यक है। अतः कोरोना वायरस संक्रमण को फेलने से रोकने तथा जन स्वास्थ्य के उद्देश्य से जनपद हरिद्वार के समस्त धार्मिक प्रतिष्ठानों यथा मंदिरों, मस्जिदों आदि में आयोजित होने वाले धार्मिक आयोजनों को 31 मार्च तक पूर्णतः प्रतिबंधित किया गया है। आदेशों का तत्काल सुनिश्चित किया जाना सभी के लिए अनिवार्य है।