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मदिरा की दुकानें भले खुल गई हो,लेकिन राजस्व के नुकसान की आशंका बरकरार
May 5, 2020 • Sharwan kumar jha • administrative

हरिद्वार। कोरोना वायरस के संक्रमण फेलने के खतरे के बावजूद लाॅकडाउन के तीसरे चरण में सरकार ने राजस्व बढ़ाने के लिए भले ही प्रदेश में शराब की दुकाने खोल दी हों। लेकिन नैनीताल और हरिद्वार से शायद बेहद कम राजस्व मिले। क्योंकि दोनों में जिला आबकारी अधिकारी (डीईओ) नहीं हैं और आबकारी मुख्यालय में बैठे अधिकारी इनका चार्ज देख रहे हैं। प्रदेश में चार मई से शराब की दुकान खुलने लगी,जबकि हरिद्वार जनपद में मंगलवार से। ऐसे में सभी जिलों में लगभग सभी दुकाने खुलवाने के लिए सभी डीईओ हर तरह के प्रयास कर रहे हैं। लेकिन हरिद्वार और नैनीताल में आधी दुकाने ही खुल पाई हैं जिसके पीछे सबसे बड़ी वजह वहां डीईओ की तैनाती ना होना है। हरिद्वार के डीएओ सड़क दुर्घटना में गम्भीर घायल हो गए थे और नैनीताल डीईओ ने प्रशासन की छापेमारी में 400 पेटी अवैध शराब पकड़े जाने के बाद मेडिकल ले लिया था। तबसे हरिद्वार का चार्ज मुख्यालय में बैठे डिप्टी कमिश्नर प्रभा शंकर मिश्रा और नैनीताल का जॉइंट कमिश्नर जीसी कांडपाल संभाल रहे हैं। लेकिन मुख्यालय से फील्ड की असल जानकारी ना होने के कारण दिक्कत आ रही है। वही इस मामले पर शासन ने नाराजगी जताई है। सूत्रों का कहना है कि शासन ने इसे राजस्व हानि से जुड़ा मसला बताकर जल्द ही स्थायी डीईओ की तैनाती को कहा है।