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महिलाओं को अपने अधिकारों के लिए लड़ना चाहिये
June 20, 2020 • Sharwan kumar jha • other

हरिद्वार। भारतीय जागरूकता समिति ने शनिवार को हरिद्वार पुलिस के साथ महिला सुरक्षा विषय पर वेबिनार का आयोजन किया। न्यायाधीश परिवार न्यायालय हरिद्वार योगेश कुमार गुप्ता ने बताया कि किसी भी महिला की कानून तभी मदद करता है जब वो आगे आकर कानून के समक्ष अपनी परेशानी रखती है। जब तक पीड़िता न्यायालय के समक्ष नहीं आती तब तक न्यायालय मदद नहीं कर सकता है। महिला को इतना मजबूत होना चाहिये कि वह अपने उपर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ न्यायालय जा सके। कहा कि न्यायालय पीडिता को सुरक्षा, भरण पोषण, शिक्षा का अधिकार, रहने का अधिकार, अत्याचारी पर कठोर कार्रवाई आदि दे सकता है। एसएसपी हरिद्वार सेंथिल अबुदई कृष्ण राज ने कहा किसी भी प्रकार का महिला पर अत्याचार माफी योग्य नहीं है। पुलिस उस पर कठोर कार्रवाई करती है। एसएसपी ने बताया कि किसी भी महिला पर कोई अत्याचार होता है तो वो अपनी शिकायत नजदीकी पुलिस थाने में या 112 या महिला हेल्पलाइन 1090 पर कर सकती है। हाईकोर्ट के अधिवक्ता ललित मिगलानी ने कहा कि महिला सुरक्षा के लिए कई कानून बने है। महिलाओं को कभी भी किसी के उपर गलत या झूठा आरोप नहीं लगाना चाहिये। ये कानून महिलाओं की सुरक्षा के लिए है, परमानेंट लोक अदालत की सदस्य अंजलि महेश्वरी ने कहा कि महिलाओं को अपने अधिकारों के लिए लड़ना चाहिये। वेबिनार में नितिन गौतम, आशु चैधरी, विजेंद्र पालीवाल, शिवानी गौड़, विनायक गौड़ ने किया वेबिनार में डॉ सुनील बत्रा, संदीप खन्ना, आशु चैधरी, नितिन गौतम, यश लालवानी, सीमा पटेल, अंशु चैधरी, अर्चना शर्मा, विनीता गोनीयल, रीता चमोली विनीत चैहान, शुभम, सिधार्थ परधान, विजेंद्र पालीवाल, अर्पिता सक्सेना, अंशु तोमर, उपासना चैहान, दीपाली शर्मा, डॉ अनुराधा, वर्षा श्रीवास्तव, सपना अग्रवाल, नेहा मलिक, करुणा शर्मा, नीरू जैन, मंजुला भगत, योगी रजनीश, रानी, पंकज, ममता, चंद्रकला आदि उपस्थित रहे।