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मंशा देवी के पूर्व अध्यक्ष व श्रीनिरजनी अखाड़ा के पूर्व सचिव से लाखों की धोखाधड़ी
August 17, 2020 • Sharwan kumar jha • crime

हरिद्वार। डा.मनोज कुमार। नगर कोतवाली पुलिस नें मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्ष और श्री निरंजनी अखाड़ा के पूर्व सचिव संत रामानंद पुरी से 43.70 लाख की नगदी समेत 90 लाख की धोखाधड़ी के मामले में दंेहरादून नेहरू कॉलोनी निवासी मां-बेटे के खिलाफ मुकदमा दर्ज कियाउ है। आरोप है कि माॅ बैटे ने मिलकर संत रामानंद पुरी से 43.70 लाख की नगदी समेत 90 लाख की धोखाधड़ी की। आरोप यह है कि 43.70 लाख की नगदी के अलावा रामानंद पुरी की लग्जरी कार, 20 लाख रुपये की कीमत वाला हीरों का हार, 4 लाख रुपये की सोने की चेन के अलावा अन्य सामान भी आरोपियों ने हड़प लिया है। नगर कोतवाली पुलिस के मुताबिक पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी मायापुर हरिद्वार निवासी महंत रामानंद पुरी शिष्य गुरु निरंजनदेव ने शिकायत देकर बताया कि वे लंबे सयम तक पंचायती अखाड़ा श्रीनिरंजनी और मां मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट में पदाधिकारी रहे हैं। उनकी शिष्या नीलम शर्मा पत्नी भूपेंद्र शर्मा निवासी ब्लॉक सी लेन-4 सरस्वती विहार बाईपास रोड नेहरू कॉलोनी देहरादून का उनके पास आना जाना था। कई साल पहले रामानंद पुरी की तबीयत बिगड़ गई थी। आरोप है कि बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए नीलम शर्मा उनको देहरादून ले गई। आरोप है कि उनकी देखभाल के लिए अलग से कमरे का निर्माण कराने की बात नीलम शर्मा ने कही थी। 1 जून वर्ष 2018 से 11 मार्च 2020 तक मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष रविंद्र पुरी ने 42.70 लाख रुपये रामानंद पुरी के बैंक खाते में जमा किये और उनके हरिद्वार से देहरादून आने-जाने के लिए लग्जरी कार भी दी। आरोप है कि जून वर्ष 2018 में नीलम शर्मा व उनका बेटा अभिषेक शर्मा मनसा देवी मंदिर स्थित उनके कमरे में आये और एक हीरों की माला कीमत 20 लाख, चार सोने की चेन कीमत 4 लाख, एक लाख रुपये की नगदी और अन्य कागजात ले गए। इस बीच रविंद्र पुरी और दीपक कुमार रामानंद पुरी को नीलम शर्मा के पास से अपने साथ हरिद्वार ले आए और अलीगढ़ से उनका उपचार कराया। अलीगढ़ से वापस आने के बाद रामानंद पुरी ने नीलम शर्मा से अपने बैंक की पासबुक, कार और अमानत के तौर पर रखी हीरों की माला, सोने की चेन, चांदी के बर्तन और 1 लाख की नगदी मांगी तो उन्होंने कुछ वापस नहीं लौटाया। आरोप है कि उनके खाते से 42.70 लाख की नगदी भी धोखाधड़ी कर निकाल ली और उनके लिए कमरे का निर्माण तक नहीं करके दिया। धोखाधड़ी कर लग्जरी कार को नीलम शर्मा ने अपने बेटे अभिषेक शर्मा के नाम ट्रांसफर करा दी। रामानंद पुरी ने आरोप लगाया कि उनकी बीमारी का फायदा उठाकर यह सब किया गया है। नगर कोतवाली प्रभारी अमरजीत सिंह ने बताया कि नीलम शर्मा और उनके बेटे अभिषेक शर्मा निवासीगण ब्लॉक सी लेन-4 सरस्वती विहार बाइपास रोड नेहरू कॉलोनी देहरादून के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।