पेयजल बिलों का अधिभार समाप्त करने की मांग
March 17, 2020 • Sharwan kumar jha

हरिद्वार। कांग्रेस शहर महासचिव दीपक टंडन ने शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक को पत्र लिखकर पेयजल बिलों पर लगाया गया अधिभार समाप्त करने की मांग की है। पत्र में दीपक टंडन ने कहा कि 2012 में तीसरी बार विधायक बनने के बाद मदन कौशिक ने जल संस्थान के खिलाफ आंदोलन चलाया था। आंदोलन के दौरान उन्होंने हरिद्वार वासियों से जल बिलों का भुगतान नहीं करने का आह्वान किया था। कहा कि नीति में संशोधन कराकर पानी के बढ़े हुए बिलों को कम कराया जाएगा। आंदोलन का समर्थन करते जनता ने बिलों का भुगतान नहीं किया। 2017 के चुनाव में चैथी बार विधायक तथा दूसरी बार कैबिनेट मंत्री बनने के बावजूद भाजपा सरकार ने पेयजल बिलों पर 15 प्रतिशत अधिभार लगा दिया। सरकार बनने के तीन साल बाद भी उन्होंने इसका कोई संज्ञान नहीं लिया। आंदोलन के दौरान बिलों का भुगतान नहीं करने वाले लोगों के कनेक्शन जलसंस्थान द्वारा काटे जा रहे हैं। आरसी जारी की जा रही है। मंदी के इस दौर में जल संस्थान का इस रवैये लोग खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। दीपक टंडन ने यह भी कहा कि धर्मनगरी की जनता का लगातार शोषण हो रहा है। जबकि स्वयं शहरी विकास मंत्री पूर्व में जल मूल्य वृद्धि के विरोध में आंदोलन कर चुके हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही जनता को पानी के बढ़े हुए बिलों से निजात नहीं दिलायी गयी तो शहरी विकास मंत्री के आवास पर धरना देने को मजबूर होंगे।