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फर्जी ट्रस्ट बनाकर अखाड़े की सम्पत्ति हड़पने का किया प्रयास- महंत जसविन्दर सिंह
June 20, 2020 • Sharwan kumar jha • other

हरिद्वार। श्री पंचायती अखाड़ा निर्मल के कोठारी महंत जसविन्दर सिंह महाराज ने अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरी महाराज व महामंत्री श्रीमहंत हरिगिरी महाराज से निर्मल अखाड़े के खिलाफ गतिविधियां संचालित कर रहे कथित संतों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। शनिवार को पत्रकारों से वार्ता करते हुए कोठारी महंत जसविन्दर सिंह महाराज ने कहा कि कूटरचना कर अखाड़े की संपत्ति कब्जाने के प्रयास में लगे संत वेशधारी असामाजिक तत्वों के खिलाफ कनखल पुलिस द्वारा मुकद्मा दर्ज किए जाने से निर्मल अखाड़े की जीत हुई है। उन्होंने कहा कि श्री पंचायती अखाड़ा निर्मल रजिस्ट्रर्ड संस्था है। इसके बावजूद कश्मीर सिंह भूरी वाले गुट से असामाजिक तत्वों ने अखाड़े की संपत्ति को कब्जाने के लिए कूटरचना कर फर्जी दस्तावेजों के सहारे अपने एक साथी को अखाड़े का अध्यक्ष नियुक्त करने का प्रयास किया। कश्मीर सिंह भूरी वाले गुट से जुड़े संत वेशधारी कुछ असामाजिक तत्वों ने अखाड़े की एक्कड़ कलां शाखा पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया था। जिसे अखाड़ा परिषद, संत समाज व पुलिस प्रशासन के सहयोग से हटवाया गया था। उन्होंने कहा कि कश्मीर सिंह भूरी वाले गुट से जुड़े लोग ड्रग तस्करी जैसी आपराधिक गतिविधियों में लिप्त हैं। हाल ही में बाजपुर पुलिस द्वारा एक भाजपा नेता की हत्या करने आए कश्मीर सिंह भूरी वाले गुट के लोगों को गिरफ्तार किया है। इसके पूर्व पंजाब में ड्रग तस्करी में भी इनके लोग गिरफ्तार हो चुके हैं। पकड़े जाने पर अखाड़े की छवि खराब करने के लिए सभी लोग अपने आपको निर्मल अखाड़े से संबंधित बताते हैं। जोकि पूरी तरह निराधार है। किसी भी आपराधिक छवि के व्यक्ति से अखाड़े का कोई संबंध नहीं है। महंत अमनदीप सिंह महाराज ने कहा कि कश्मीर सिंह भूरी वाला अखाड़े की संपत्ति को हड़पना चाहता है। कनखल पुलिस द्वारा इस संबंध में मुकद्मा दर्ज किए जाने से अखाड़े के रूख की पुष्टि हुई है। संत महापुरूषों की छवि धूमिल करने के लिए ऐसे लोग कुंभ के दौरान कोई अन्य विवाद खड़ा कर सकते हैं। इसलिए उनके खिलाफ जल्द से जल्द कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि गुण्डा तत्वों के मंसूबों को कामयाब नहीं होने दिया जाएगा। गैण्डी खाता स्थित गुरूद्वारे पर किए गए अवैध कब्जे को भी जल्द हटवाया जाएगा। इस दौरान महंत सतनाम सिंह, संत रामस्वरूप सिंह, संत तलविन्दर सिंह, संत सुखमन सिंह, संत सुखदेव सिंह, महंत खेमसिंह आदि भी मौजूद रहे।