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प्रांतीय उद्योग व्यापारमण्डल ने की बार्डर पर जारी नियमों मंे ढील देने की मांग
September 4, 2020 • Sharwan kumar jha • other

हरिद्वार। प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमण्डल के जिला उपाध्यक्ष डा.नीरज सिंघल ने केंद्र सरकार के द्वारा अनलाॅक 4 में देश सहित उत्तराखण्ड के बार्डर खोले जाने पर आभार जताते हुए कहा कि उत्तराखण्ड के बार्डर तो खोल दिए गए हैं। लेकिन नियमों की शर्ते काफी जटिल होने के कारण धर्मनगरी में यात्री नहीं आ पा रहा है। नियमों के तहत 96 घंटे के साथ नेगेटिव रिपोर्ट का नियम यात्री श्रद्धालुओं पर थोप दिया गया है। वहीं होटल, धर्मशालाओं, लाजिंग हाऊस के प्रबंधकों के लिए कोई गाइड लाईन ना दिया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। आठ माह से व्यापारी अपने होटल, धर्मशालाएं, लाॅजिंग हाऊस नहीं खोल पा रहा है। बार्डर खुलने के बावजूद भी यात्री प्रदेश में प्रवेश नहीं कर पा रहा है। नियमों में लचीेलापन बनाए जाने की आवश्यकता है। व्यवसायियों को राज्य व केंद्र सरकार द्वारा कोई राहत ना दिया जाना भी खेद का विषय है। व्यापारी, ब्याज पर ब्याज, बिजली पानी के बिल, गृहकर व अन्य टैक्स कैसे चुकाए। कर्ज तले दबा व्यापारी बार बार सरकार से राहत पैकेज की मांग कर रहा है। लेकिन कोई भी सुनवाई नहीं होना सरकार की उदासीनता को दर्शा रहा है। नीरज सिंघल ने राज्य सरकार व केंद्र सरकार से अपील करते हुए कहा कि बार्डर पर यात्रीयों की स्वास्थ्य जांच, थर्मस स्क्रीनिंग की प्रक्रिया के पश्चात सहज भाव से यात्रीयों को प्रवेश दिया जाना चाहिए। साथ ही होटल धर्मशाला, लाॅज के प्रबंधकों को भी सेनेटाइज, मुंह पर मास्क व साफ सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए। सरकार को नियमों के तहत बार्डर पर लचीली व्यवस्था को लागू करना चाहिए। साथ ही होटल, लाॅज, धर्मशालाओं के प्रबंधकों को राहत पैकेज की घोषणा भी सरकार को करनी चाहिए।