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रक्षा सूत्र में श्रद्वा-भावन की शक्ति जुड़ जाने पर तोड़ना मुश्किल
August 3, 2020 • Sharwan kumar jha • religious

हरिद्वार। कोविड 19 यानि कोरोना को देखते हुए दो गज की दूरी और मास्क है जरूरी को ध्यान में रखते हुए शांतिकुंज अधिष्ठात्री शैल दीदी ने विश्वभर में कोरोना महामारी के चलते इस वर्ष केवल आश्रमवासी भाइयों के कलाई में रक्षा-सूत्र बांधा। वहीं शांतिकुंज की सभी कार्यकर्ता बहनों ने अपने बड़े भाई और देव संस्कृति विश्व विद्यालय के कुलाधिपति डा प्रणव पण्ड्या को राखी बांधी। इस अवसर पर दीदी ने सभी को पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर शैल दीदी ने कहा कि रक्षासूत्र मात्र कच्चा धागा होता है। लेकिन इसमें जब श्रद्धा-भावना की शक्ति जुड़ जाती है। तो यह सामान्य धागा नहीं रहता। यह इतना मजबूत हो जाता है, जिसे तोड़ना नामुमकिन हो जाता है। डा. प्रणव पण्ड्या ने कहा कि पवित्र संबंधों को स्थापित करने वाला श्रावणी पर्व के माध्यम से अपने अंदर ब्राह्मणत्व का भाव पैदा करें। श्रावण के अवसर पर देश भर में पौधरोपण भी संपन्न हुआ। बाद में शांतिकुंज की ब्रह्मवादिनी बहिनों ने 24 कुण्डीय यज्ञशाला में गायत्री महायज्ञ में विश्व कल्याण के लिए विशेष वैदिक मंत्रों के साथ यज्ञ सम्पन्न कराया। सायंकाल भव्य दीपमहायज्ञ का आयोजन किया गया।