सड़क दुर्घटनाओं के सम्बन्ध में मुकदमा अनिवार्य रूप से दर्ज हो-जिलाधिकारी
March 6, 2020 • Sharwan kumar jha

हरिद्वार। डीएम ने जनपद में घटित दुर्घटनाओं पर चोटिल और मृत्यु की दशा में अभियोग चलाये जाने को अनिवार्य पंजिकृत किये जाने को कहा। चिन्हिकृत ब्लैक स्पाॅट पर लघु अवधि तथा दीर्घ अवधि के निराकरण कार्यो की स्थिति की जानकारी ली। जिस में लघु अवधि के सुरक्षा उपायों को तत्काल कराते हुए अगली बैठक में कर लिये गये कार्यो की सारणी प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। सड़कों को सुरक्षित बनाने के लिए दीर्घ अवधि के कार्यो का एस्टीमेट तथा अनुमानित अवधि की सारण अलग से मांगी। जिलाधिकारी ने सम्बंधित विभागों को अपनी सड़कों को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए किये गये प्रयासों के बारे में भी जानकारी ली। जिस भी विभाग की सड़को पर अतिक्रमण है वह उसको मुक्त कराने की प्रक्रिया प्रारम्भ करे। डीएम ने सडक सुरक्षा समिति की बैठक में सरकारी विभागों के अलावा बाहर से सामान्य नागरिको के प्रतिनिधि के रूप् में एक या दो व्यक्ति को बैठक में प्रतिभाग करने के लिए आमंत्रित करने के निर्देश दिये। साथ ही सड़कों की सुरक्षा और लोगों को जिन समस्याओं से जूझना पड़ रहा है उसके लिए सड़क सुरक्षा समिति की बैठक के लिए मीडिया और लोगों के सुझाव भी मांगे जाने के निर्देश दिये। सड़क दुर्घटनाओं के कारण होने वाली जनहानि को रोकने के लिए डीएम ने हेलमेट को जरूरी बताया। किसी भी दशा में मोटर व्हिकल एक्ट का उलघ्ंघन न होने दिया जाये। यदि किसी की जान नियमाुसार कार्रवाई कर बचायी जा सकती है तो कार्रवाई की जाये क्योंकि लोगों का जीवन महत्वपूर्ण है। हर सड़क सुरक्षित हो सड़क सुरक्षा के कार्यो को प्रभावी तरीके से किया जाये। सुनिश्चि किया जाये। लोक सुरक्षा को नुकसान कोई भी अपने हितों के लिए न कर सके। ऐसा करने वालो के विरूद्ध सम्बंधित धाराओं में कानूनी कार्रवाई की जाये। सुरक्षा के लिए एएनपीआर कैमरों का प्रस्ताव बनाकर प्रस्तुत करने के निर्देश भी जिलाधिकारी ने दिये।