सड़क निर्माण के लिए बजट जारी होने तक जारी रहेगा धरना
March 18, 2020 • Sharwan kumar jha

हरिद्वार। पुरानी हरिद्वारी रोड के निर्माण हेतु संतों व ग्रामीणों का धरना तीसरे दिन भी जारी रहा। धरने को संबोधित करते हुए हिंदू रक्षा सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष म.म.स्वामी प्रबोधानंद गिरी महाराज ने कहा कि पुरानी हरिद्वारी रोड़ कुंभ क्षेत्र का प्रवेश द्वार है। कुंभ के दौरान पूरे देश से आने वाले संत पंच परमेश्वर, अखाड़ों के नागा साधु इसी मार्ग से हरिद्वार में प्रवेश करते है।ं सैकड़ों वर्षों से क्षेत्रवासी संतों का स्वागत करते आ रहे। लेकिन पिछले 25 वर्षों से सड़क की दुर्दशा के कारण से क्षेत्रवासियों को घोर कष्ट सहन करना पड़ रहा है। क्षेत्रवासियों की सहन करने की शक्ति अब समाप्त हो गई है। 3-3 फीट गहरे गड्ढों से वाहन गुजरते हैं। पैदल यात्री रुक जाते है। यात्री पानी से भरे गड्ढो में गिरकर चोटिल हो जाते हैं। वाहन पलट जाते हैं। ऐसी घटनाएं आए दिन होती रहती है। फिर भी शासन-प्रशासन, स्थानीय विधायक और सांसद संवेदनहीन बने हुए हैं। जिन्हें क्षेत्रवासियों की समस्या दिखाई नहीं देती। हरिद्वार की सबसे पुरानी सड़क की जब यह दुर्दशा है तो सरकारों के विकास का आईना स्वयं ही बोलता है। प्रधानमंत्री की प्रत्येक गांव को सड़क से जोड़ने की योजना है। लेकिन लगता यह है यह क्षेत्र के 5 गांव भारत में है ही नहीं। इसी कारण शायद इस क्षेत्र विकास नहीं हुआ। उन्होंने प्रधानमंत्री से मुख्यमंत्री को अति शीघ्र सड़क बनवाने का निर्देश देने की मांग करते हुए कहा कि 2021 में होने वाला कुंभ बिल्कुल सिर पर आ गया है। यदि यह सड़क नहीं बनी तो कुंभ में बहुत बड़ी दुर्घटना होने की संभावना बनी रहेगी। सड़क नहीं बनने से कुंभ की सफलता पर प्रश्नचिन्ह लग रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार जब तक सड़क निर्माण के लिए बजट जारी नहीं करती है। तब तक धरना लगातार जारी रहेगा। किन्नरों की महंत ममता किन्नर तथा उनके किन्नर साथियों ने भी धरने का समर्थन किया। धरने पर प्रमुख रूप से बैठने वाले लोगों में श्री बालाजी धाम के महंत योगी श्रद्धा नाथ, महंत महानंद सरस्वती, नंदराम, अतुलनाथ, हीरा बल्लभ पंत, राजेंद्र जोशी, बलजीत कौर, लाल बत्ती, मीना देवी, कृष्णा रावत, संजना देवी, आरती, भावना, ज्योति, पूजा, किरण, सोमदत्त गिरी, सोहन, प्रियव्रत, अंतराल, कन्हैया जोशी, राजू जोशी, अशोक पंडित, संदीप शर्मा राजीव खंडेलवाल, प्रदीप कुकरेती, सुधीर, दीनदयाल आदि सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।