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साइबर ठगोें ने बुजुर्ग के चार बैंक खातों से करीब पांच लाख रुपये उड़ा दिए
June 10, 2020 • Sharwan kumar jha • crime

हरिद्वार। साइबर ठगी के मामलों पर पुलिस काबू पाने में विफल साबित हो रही है। चार दिन पूर्व महिला चिकित्सक के खाते से चार लाख रूपये निकाल लेने के मामले के बाद एक बार फिर साइबर ठगों ने ठगी का शिकार एक रिटायर्ड भेलकर्मी को बना दिया। कोतवाली ज्वालापुर क्षेत्रान्गर्त सैक्टर दो में रहने वाले बुजुर्ग के चार बैंक खातों से ठगों ने करीब पांच लाख रुपये उड़ा दिए। चारों बैंक खाते खाली होने पर बुजुर्ग को ठगी का पता चला। इस मामले में साइबर क्राइम सेल उत्तराखंड को पूरे मामले की शिकायत की गई है। भेल सेक्टर दो निवासी अंबरीश चंद्र गुप्ता भेल से रिटायर्ड हैं। उनके दो खाते पीएनबी और दो आइसीआइसीआइ बैंक शाखाओं में हैं। चारों बैंक खातों पर उनका एक ही मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड है। उन्होंने बताया कि 31 मई को उनके मोबाइल पर अंजान नंबर से एक कॉल आई। कॉल करने वाले शख्स ने खुद को मोबाइल कंपनी का कर्मचारी बताते हुए सिम फोर जी में अपग्रेड कराने के लिए कहा। अंबरीश गुप्ता का कहना था कि उनका सिम पहले से ही फोर जी अपग्रेड है। इस पर कॉल करने वाले व्यक्ति का कहना था कि उन्होंने सिम अपग्रेड नहीं कराया तो नंबर बंद कर दिया जाएगा। परेशानी से बचने के लिए अंबरीश चंद्र गुप्ता ने उसके कहने पर मोबाइल पर मैसेज में आया ओटीपी नंबर बता दिया। इसके बाद उनके चारों बैंक खातों से करीब पांच लाख रुपये की रकम गायब हो गई। कई दिन बाद किसी को आनलाइन भुगतान करने के लिए उन्होंने खाते का इस्तेमाल किया तो एक-एक कर चारों खाते खाली होने की जानकारी मिली। ऐसा माना जा रहा है कि ओटीपी के माध्यम से मोबाइल नंबर हैक करते हुए साइबर ठगों ने उनके चारों बैंक खातों का डाटा चुराया और फिर रकम गायब कर दी। पीडित अंबरीश चंद्र गुप्ता ने बताया कि पुलिस कंट्रोल रूम पर फोन करने पर ज्वालापुर कोतवाली और फिर जिले की साइबर सेल प्रभारी से उन्होंने मौखिक शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। तब उन्होंने साइबर क्राइम सेल उत्तराखंड को ई-मेल पर शिकायत भेजी है।