शिवसेना कार्यकर्ताओं ने की निजी अस्पतालों की जांच कराने की मांग
February 13, 2020 • Sharwan kumar jha

हरिद्वार, 13 फरवरी। शिवसेना कार्यकर्ताओं के प्रतिनिधिमण्डल ने मुख्य चिकित्साधिकारी से मुलाकात कर सरकारी अस्पतालों में मरीजों को हो रही असुविधाओं को दूर करने तथा प्राईवेट अस्पतालों की जांच तथा मनमानी पर रोक लगाने की मांग की। इस दौरान चंद्रशेखर चैहान ने आरोप लगाते हुए कहा कि सरकारी अस्पतालों में जमकर धांधली की जा रही है। सरकारी अस्पतालों में अव्यवस्थाओं के चलते मरीजों को उचित इलाज नहीं मिल पा रहा है। निजी अस्पताल मरीजों से मनमाना शुल्क वसूल रहे हैं। डिलीवरी कराने के ही पचास हजार रूपए तक वसूले जा रहे हैं। छोटी मोटी बीमारियों का इलाज करने के लिए भी भारी भारी बिल निजी अस्पताल वसूल रहे हैं। उन्होंने मांग की कि सरकारी अस्पतालों की व्यवस्थाओं में सुधार किया जाए। निजी अस्पतालों की मनमानी पर अंकुश लगाया जाए। जिला प्रमुख चरणजीत पाहवा ने कहा कि जिला में सरकारी चिकित्सा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गयी है। सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों की कमी का फायदा निजी अस्पताल उठा रहे हैं। सरकारी अस्पतालों में गरीबों को इलाज नहीं मिल पा रहा है। निजी अस्पताल मरीजों को जमकर लूट रहे हैं। डिलीवरी के लिए निजी अस्पतालों में मरीजों के परिजनों से भारी बिल वसूले जा रहे हैं। सरकारी चिकित्सा व्यवस्था के भरोसे रहने वाले गरीब लोग असहाय बने हुए हैं। तमाम निजी अस्पताल बिना रजिस्ट्रेशन के ही चल रहे हैं। जिन्हें चला रहे झोलाछाप चिकित्सक मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं। ऐसे सभी अस्पतालों की जांच होनी चाहिए। प्रतिवर्ष डेंगू जैसी बीमारी की जांच के नाम पर निजी अस्पतालों में मरीजों से मोटी रकम वसूल की जाती है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि निजी अस्पतालों में मनमानी पर जल्द अंकुश नहीं लगाया गया तो शिवसेना कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे। प्रतिनिधिमण्डल में शामिल कपिल त्यागी ने भी सरकारी अस्पतालों में व्यवस्था सुधारनें, चिकित्सकों की तैनाती तथा गरीबों को उचित इलाज देने की मांग की।