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श्रम कानूनों में ढील दिए जाने को भारतीय मजदूर संघ ने की वापस लेने की मांग
August 1, 2020 • Sharwan kumar jha • other

हरिद्वार। राज्य सरकार की ओर से श्रम कानूनों में ढील दिए जाने पर भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) का पारा चढ़ गया है। संघ ने कहा कि श्रमिकों के उत्पीड़न के लिए कानूनों में दी गई इस छूट को बिल्कुल भी स्वीकार नहीं किया जाएगा। विरोध में प्रदर्शन कर निर्णय को वापस लेने की मांग की। शनिवार को बीएमएस के सेक्टर एक स्थित कार्यालय में कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष अनिल राठी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने श्रम कानूनों में भारी बदलाव कर 1000 दिन के लिए काम के नियम को खत्म कर दिया है, जिसकी वजह से कामगारों को संरक्षण मिलता था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। कहा कि प्रदेश में वैसे ही श्रम कानूनों का पालन कड़ाई से नहीं होता है और जो हैं भी, उन्हें खत्म किया जा रहा है, जिसे संघ नहीं होने देगा। जिला महामंत्री सुमित सिघल ने कहा कि कोरोना वायरस महामारी के चलते एक तरफ जहां बहुत बड़ी संख्या में प्रदेश के मजदूरों को बेरोजगार होना पड़ रहा है। वहीं, दूसरी तरफ प्रदेश सरकार गोपनीय तरीके से श्रम कानूनों में परिवर्तन कर सिर्फ उद्योगों को फायदा पहुंचाना चाह रही है। श्रमिकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण इन कानूनों को हल्का करने या कुछ वर्षों के लिए रोक लगाने से मजदूरों का शोषण बढ़ेगा। इस मौके पर डीसी नौटियाल, संगठन के जिला उपाध्यक्ष हरीश तिवारी, सुनीता तिवारी, जिला सह मंत्री ललित पुरोहित, चंद्रशेखर चैहान, दीपक सैनी, जिला कोषाध्यक्ष हरीश शर्मा, सरोज सैनी, संदीप कुमार सिघानिया आदि मौजूद रहे।