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स्कैप सम्बन्धी अध्यादेश को निरसत करने की मांग को लेकर दूसरे दिन भी धरना जारी
September 22, 2020 • Sharwan kumar jha • current

हरिद्वार। हर की पैड़ी पर प्रवाहित गंगा की धारा को तत्कालीन प्रदेश सरकार द्वारा स्कैप घोषित करने सम्बन्धी अध्यादेश को खत्म कर प्रवाहित गंगा को गंगा नदी घोषित करने सहित अन्य मांगो को लेकर तीर्थ पुरोहितों का धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। दूसरे दिन कुछ व्यापारमण्डलो ने भी आंदोलन को अपना समर्थन दिया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि तीर्थ पुरोहितो ने जो लड़ाई 1916 में विशाल आंदोलन करके ब्रिटिश सरकार से लडी थी। आज फिर से कांग्रेस हरीश रावत सरकार में 2016 में जारी शाशनदेश की वजह से तीर्थ पुरोहितो को लड़नी पड़ रही है। तीर्थ पुरोहितों की सरकार से माँग है कि हर-की-पैड़ी पर माँ गंगा जी को नहर (एस्केप चैनल) बताये जाने वाला शासनादेश निरस्त करने की मांग को लेकर दूसरे दिन भी धरना जारी है। दूसरे दिन धरना की शुरूआत माँ गंगा जी के पूजन व दुग्धाअभिषेक के बाद प्रारंभ हुआ। शहर के व्यापारी वर्ग के हर-की-पैड़ी व्यापार मण्डल के अध्यक्ष शहर व्यापार मंडल के महामंत्री राजीव पराशर व श्री गुरू गोरक्षनाथ व्यापार मण्डल अपर रोड हरिद्वार के अध्यक्ष राजेंद्र जैन एवं व्यवसाय मण्डल, अपर रोड व्यापार मंडल के महामंत्री अनिल सिंघल ने समर्थन पत्र धरना स्थल पर आकर सौंपा। धरना स्थल पर अनमोल वाशिष्ठ, शहर व्यापार मंडल के महामंत्री राजीव पराशर, वैभव शिवपुरी,अनिल कौशिक, सरदार रीतेश( रामचन्द्र के), सचिन कौशिक, सुधीश श्रोत्रीय, सिद्धार्थ त्रिपाठी, हिमांशु खयालीके, नितिन पालीवाल, अभीषेक सरदार, सोनू चाकलान, चनदन जगता, धीरज पचभैया आदि कई तीर्थ पुरोहितों ने धरना दिया। हाइकोर्ट में जनहित याचिका डालने वाले एवं कार्यक्रम संयोजक अनमोल वाशिष्ठ का कहना है कि यह धरना निरन्तर चलता रहेगा। माँ गंगा जी और करोडो हिंदुओं की भावनाओ के साथ खिलवाड़ नही होने दिया जाएगा। भाजपा उत्तराखंड सरकार से हमारा अभी भी हमारा निवेदन है कि शाशनदेश को निरस्त करें अन्यथा यह धरना 1916 के आन्दोलन कि तरह विशाल रूप ले लेगा। जिसमे सभी तीर्थ पुरोहित, व्यापार मंडल और सभी समाज का समर्थन होगा। शहर व्यापार मंडल के महामंत्री राजीव पराशर ने बताया कि माँ गंगा जी हम सब की माँ है। तीर्थ पुरोहित समाज की इस मांग में पूरा व्यापार मंडल उनके साथ है। अगर यह मांग जल्दी ही पूरी नही होती तो, व्यापार मंडल भी सकैप चैनल के शाशनादेश को निरस्त करवाने के लिए इस धरने में शामिल होगा।