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उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदवासियों को बसों के जरिये भेजा गया राज्य की सीमा पर
May 2, 2020 • Sharwan kumar jha • current

हरिद्वार। लाॅकडाउन के तीसरी बार बढ़ने की घोषणा के बीच शनिवार को बड़ी संख्या में दूसरे प्रदेशों के लोगों को रवाना किया गया। शनिवार को हरिद्वार सहित गढ़वाल के विभिन्न रिलीफ कैंपों में रुके 1063 लोगों को हरिद्वार से यूपी के विभिन्न जिलो के लिए रवाना किया गया। शहर के विभिन्न राहत शिविरों में ठहरे इन लोगों को पहले हरिद्वार के भगवानपुर तक भेजा गया। यहां से सभी को उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों के लिए भेजा गया। यूपी परिवहन निगम की बसें बॉर्डर तक पहुंचीं, जहां से लोगों को भेजा गया। इससे पहले सभी की जांच भी की गई। कोरोना वायरस के संक्रमण पर काबू पाने के लिए केन्द्र सरकार द्वारा लगाये गये लाॅकडाउन लगने के बाद से ही करीब 42 दिनों से हरिद्वार समेत पूरे प्रदेश में फंसे लोगों को भेजा गया है। दरअसल गत दिवस ही केन्द्र सरकार की ओर से देश को तीन भागों ग्रीन,आॅरेज तथा रेड जोन में बांटते हुए लाॅकडाउन को अगले दो सप्ताह के लिए बढ़ाने की घोषणा कर दी। इसके साथ ही केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने विभिन्न राज्यों में फंसे दूसरे राज्यों के निवासियों को भेजने के लिए राज्य सरकार को परिस्थिति अनुसार छूट देने की घोषणा कर दी।  गृह मंत्रालय के आदेश के बाद शनिवार को पहले चरण में रिलीफ कैंपों में रुके लोगों को भेजा गया है। यूपी और उत्तराखंड सरकार के बीच तालमेल के बाद लोगों को भेजा गया। हरिद्वार से 673, देहरादून 289, पौड़ी 61, उत्तरकाशी 18 और चमोली 22 के लोगों को भेजा गया। बताया जाता है कि बाहरी जिलों से आए लोग शुक्रवार की रात को भूपतवाला स्थित शिवा फार्म में पहुंच गए थे। जिला प्रशासन के अनुसार शनिवार सुबह एक बार सभी की जांच की गई। बसों को सेनेटाइज किया गया। साथ ही शिवा फार्म और आसपास के इलाके को भी सेनेटाइज किया गया। हरिद्वार प्रशासन ने भगवानपुर काली नदी तक लोगों को भेजा। यहां एक भवन से सभी को अलग-अलग बसों में बैठाया गया। यूपी सरकार की ओर से 45 बसों की व्यवस्था की गई थी। सोशल डिस्टेंस को ध्यान में रखते हुए एक बस में करीब 25 लोगों को भेजा गया।