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विश्व नागरिक दिवस पर बुजर्गो को स्वास्थ्य और कोरोना संकट के प्रति जागरूक किया
August 21, 2020 • Sharwan kumar jha • administrative

हरिद्वार। नीति आयोग भारत सरकार एवं पीरामल संस्था के सहयोग से देश के 112 आकांक्षी  जनपदों में कोरोना महामारी से बुजुर्गों को बचाने व उनमे इस बीमारी के प्रति सजगता एवं उनकी सहायता के लिए संचालित सुरक्षित दादा-दादी-नाना नानी योजना के अंतर्गत विश्व वरिष्ठ नागरिक दिवस के अवसर पर आर्य वानप्रस्थ आश्रम में स्वेच्छा से निवासरत बुजुर्गो को योजना के बारे में जानकारी दी गयी। इस अवसर पर मुख्य अतिथि अपर जिलाधिकारी कृष्ण कुमार मिश्र तथा जिला विकास अधिकारी पुष्पेंद्र चैहान ने बुजर्गो को उनके स्वास्थ्य और कोरोना संकट के प्रति जागरूक किया और यहां के बजुर्गो को आयुष काढ़ा किट वितरित की। एडीएम केके मिश्र ने सभी बुजुर्गो से संवाद किया और किसी भी प्रकार की समस्या या परेशानी के समय जिला प्रशासन की ओर से पूर्ण सहयोग के लिए आश्वस्त किया। उन्होंने कहा कि यहां रहने वाले बुजुर्ग भी जनपद के नागरिक हैं और प्रशासन से मिलने वाली किसी भी प्रकर की सहायता के लिए प्रशासन सदैव उनके सहायता को तैयार है। नीति आयोग भारत सरकार एवं पीरामल संस्था के सहयोग से देश के 112 आकांक्षी  जनपदों में  कोरोना महामारी से बुजुर्गों को बचाने व उनमे इस बीमारी के प्रति सजगता एवं उनकी सहायता के लिए सुरक्षित दादा दादी नाना नानी संचालित है।  येाजना के अंतर्गत जनपद के बुजर्गों से समय-समय पर फोन द्वारा सम्पर्क कर सुरक्षा सम्बंधी जानकारी विभाग लेता है। विभाग इन लोगों को मिलने वाली वृद्धावस्था पेंशन, व सरकार की अन्य कल्याणकरी योजनाओं की भी जानकारी साझा करता है। सभी जानकारी नीति आयोग के पोर्टल पर अंकित की जाती है।   विश्व वरिष्ठ नागरिक दिवस के अवसर पर ऋषिकुल आयर्वेद काॅलेज के चिकित्सकों द्वारा सभी बुजर्गों का स्वास्थ्य परीक्षण भी किया गया, जिसमें रक्तचाप और शुगर की जांच की गयी। आश्रम में रहने वाली माता करूणा ने स्वंय के हाथ से बनाये मास्क जिला प्रशासन को भेंट किये। आर्य वानप्रस्थ आश्रम आर्य नगर के प्रबंधक श्री शिव कुमार शास्त्री ने कार्यक्रम के माध्यम से आश्रम परम्परा से परिचित कराया। उन्होंने बताया कि सनातन संस्कृति में वद्धाश्रम जैसी कोई संस्था नहीं हुआ करती थी इसके स्थान पर वानप्रस्थ आश्रम स्थापित थे जिनमे घरों के बुजुर्ग अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों से निवृत्त होकर स्वंय की इच्छा से गृहस्थ जीवन को त्यागकर यहां रहते थे। वर्तमान दौर में परिदृश्य परिवर्तित हुआ और बुजर्गो के लिए बच्चों ने वृद्धाश्रम को भेजने की तरीका अपनाया है। भारत सरकार की ओर से संचालित योजना में जनपद के बुजर्गों से समय-समय पर फोन द्वारा सम्पर्क कर जानकारी उनकी सुरक्षा सम्बंधी जानकारी विभाग लेता है। ग्रामीण क्षेत्र में विशेषकर बीमारी को लेकर प्रशासन द्वारा विशेष जागरुकता अभियान चलाये जाने एवं सभी सुधि जनों से कार्य में सहयोग की अपेक्षा की गई। विभाग इन लोगों को मिलने वाली वृद्धावस्था पेंशन, इनके स्वास्थ्य और कल्याणकरी योजनाओं की भी जानकारी इनसे जुटा कर नीति आयोग के पोर्टल पर अंकित करता है। कार्यक्रम का संचालन डाॅ नरेश चैधरी ने किया।