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योग विज्ञान और मर्म चिकित्सा पद्धति के अंर्तसंबंधों को लेकर वैज्ञानिक,जनोपयोगी व्याख्या दी
June 16, 2020 • Sharwan kumar jha • other

हरिद्वार। पतंजलि विश्वविद्यालय की ओर से आयोजित सात दिवसीय राष्ट्रीय वेबिनार के दूसरे दिन का कार्यक्रम विवि के सहायक कुलानुशासक स्वामी परमार्थदेव के प्रेरक उद्बोधन से प्रारंभ हुआ। प्रथम सत्र में देश के विख्यात मर्म चिकित्सा विशेषज्ञ और ऋषिकुल आयुर्वेद कॉलेज के निदेशक डॉ. सुनील जोशी ने योग विज्ञान और मर्म चिकित्सा पद्धति के अंर्तसंबंधों की सरल लेकिन वैज्ञानिक और जनोपयोगी व्याख्या प्रस्तुत की। डॉ. जोशी ने मर्म को सक्रिय करने से लेकर मस्तिष्क, फेंफड़े, आंख और कान संबंधी अनेक रोगों की चिकित्सा में प्रयोग की विवेचना प्रस्तुत की। दूसरे सत्र में पतंजलि विश्वविद्यालय के योग विज्ञान विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. नरेंद्र सिंह ने योग से समग्र स्वास्थ्य पर आंकड़ों सहित कुछ रोचक तथ्य प्रस्तुत किए। उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास से मनोशारीरिक स्थिरता और आरोग्यता तो आती है। लेकिन पाचन तंत्र संबंधी, मधुमेह, हृदय रोग, रक्तचाप का भी सफलतापूर्वक प्रबंधन किया जा सकता है। वहीं तीसरे सत्र में पतंजलि आयुर्विज्ञान एवं अनुसंधान संस्थान के सह प्राध्यापक डॉ. अभिषेक भूषण शर्मा ने अपने उद्बोधन में सात्विक और स्वस्थ आहार, विरुद्ध आहार, स्वस्थवृत्त, ऋतुचर्या आदि अनेक जीवनोपयोगी पक्षों को सरलापूर्वक समझाते हुए प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने के आयुर्वेदिक उपायों पर चर्चा की। इसके अलावा चैथे सत्र में पतंजलि विवि के सहायक प्राध्यापक डॉ. रुद्र भंडारी ने कहा योग से तंत्रिका तंत्र, हार्मोन और अन्य तंत्रों पर होने वाले प्रभावों की विवेचना की। इस अवसर पर बीए और बीएससी द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों सहित वैदिक गुरुकुलम के ब्रह्मचारी और संन्यासी भाई-बहनों ने योगाभ्यास की लाइव प्रस्तुति की वीडियो साझा की।