ALL political social sports other crime current religious administrative
योगाभ्यास करके विद्यार्थी अपने शारीरिक और मानसिक कमजोरी को दूर कर सकता है
June 15, 2020 • Sharwan kumar jha • other

हरिद्वार। देश और दुनिया में योगाभ्यास का लोहा मनाने वाला गुरूकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के योग विज्ञान विभाग का शोध छात्र पवन कुमार ने देश के सांसदों और देश की मानी हुई हस्तीयों को योगाभ्यास कराया है। पवन कुमार भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के द्वारा दो बार चीन में जाकर वहां पर योगाभ्यास कराया है। उसी प्रकार से विश्व के कई देशों में गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय का नाम रोशन किया है। विश्व में कोविड-19 का प्रकोप जारी है ज्यादातर लोग और बच्चे घर की चाहर दीवारी के अन्दर कैद है। बहुत सारे बच्चे लम्बे समय से घर की चाहर दीवारी में बन्द होने के कारण तनावग्रस्त होते जा रहे है। शोध छात्र पवन कुमार का कहना है कि जो बच्चे चाहर दीवारी के अन्दर कैद है उन बच्चों के व्यवहार में अन्तर भी आता जा रहा है। उसकी मुख्य वजह है कि उनके माता-पिता और बच्चों के व्यवहार में चिडचिड़ापन पनपता जा रहा है। इस अवस्था में बहुत सारे बच्चे तो अपनी पढ़ाई को लेकर काफी परेशान है। कुछ बच्चें परीक्षाओं के कारण और कुछ बच्चे प्रतियोगी परीक्षा के कारण काफी तनावग्रस्त होते जा रहे है। पवन कुमार ने बताया कि माता-पिता को सकारात्मक तौर तरीके से अपने बच्चों को धार्मिक पुस्तकें का अध्ययन और योगाभ्यास कराना चाहिए। आर्य समाज की पद्धति से माता-पिता को प्रतिदिन घर में रहते ही यज्ञ, स्वाध्याय भी करना चाहिए। यज्ञ करने से परिवार के अन्दर सकारात्मक ऊर्जा प्रादुर्भाव होता है। उसी प्रकार से उनके चिन्तन में भी स्वाध्याय से सकारात्मक चिन्तन की वृद्धि होती है। पवन कुमार ने बताया कि महर्षि घेरण्ड के बताए हुए योगाभ्यास मार्ग पर चलना इस समय अत्यन्त आवश्यक है। उन्होंने हठयोग के सात साधनों का वर्णन किया है, जिसमें अपने दिनचर्या में सात साधनों का प्रतिदिन करने को जरूरीर बताया है। सात साधन करने से शरीर का शोधन होता है जिनमें षठकर्म, आसन, प्राणायाम और ध्यान आदि प्रमुख है। जिनका दैनिक अभ्यास करके विद्यार्थी अपने शारीरिक और मानसिक कमजोरी को दूर कर सकता है। चिकित्सक बताते है कि बच्चों के कम्प्यूटर पर अधिक प्रयोग करने के कारण उनका दिमाग कमजोर हो सकता है और इसके कारण उनकी स्मरण शक्ति पर भी असर पड़ता है। इसके कारण बच्चों को बाद में अल्जाइमर जैसी समस्या भी हो सकती है। कम्प्यूटर का अधिक प्रयोग करने वाले बच्चे अनिन्द्रा का शिकार भी हो जाते हैं।